Trump New Tarrif Policy : ट्रंप के फैसले ने Tata की JLR पर कसा शिकंजा, अमेरिका में बढ़ेंगी कारों की कीमतें?

Trump New Tarrif Policy : कभी अमेरिकी सड़कों पर शान से दौड़ती Tata की Jaguar Land Rover अब एक बड़े झटके का सामना करने वाली है. डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ फैसले से ऑटो सेक्टर में खलबली मच गई है, और इसका सबसे बड़ा नुकसान भारतीय कंपनियों को होने वाला है. खासतौर पर Tata Motors को, जिसने सालों से अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रखी थी. सवाल यह है कि आखिर इस टैरिफ का असर कितना गहरा होगा और Jaguar Land Rover की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं?

Trump New Tarrif Policy

अमेरिका में क्यों बढ़ेगी JLR की कीमत?

डोनाल्ड ट्रंप के “रेसिप्रोकल टैरिफ” (जैसे को तैसा) फैसले के तहत अमेरिका में आयातित कारों और हल्के ट्रकों पर 2 अप्रैल से 25% टैरिफ लागू होने जा रहा है. वहीं, ऑटो पार्ट्स पर यह टैरिफ 3 मई से शुरू होगा. इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में कारें बेचती हैं या ऑटो पार्ट्स सप्लाई करती हैं.

भारतीय बाजार की बात करें तो इस फैसले का सबसे बड़ा झटका Tata Motors को लगा है. कंपनी के शेयरों में 5.47% की गिरावट दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि Tata Motors, Jaguar Land Rover की पैरेंट कंपनी है, जिसकी कारें अमेरिकी बाजार में काफी पॉपुलर हैं. अब टैरिफ बढ़ने के बाद इन कारों की कीमतें भी बढ़ेंगी, जिससे बिक्री पर असर पड़ सकता है.

अमेरिका में कितनी लोकप्रिय हैं Jaguar Land Rover की कारें?

Jaguar Land Rover यानी JLR अमेरिका में एक लग्जरी ब्रांड के रूप में पहचाना जाता है. 2024 के फाइनेंशियल ईयर में JLR की बिक्री में 22% की ग्रोथ दर्ज की गई थी, जिससे यह साफ था कि अमेरिकी ग्राहक इस ब्रांड को कितना पसंद करते हैं. खासकर Range Rover Sport, Discovery और Defender जैसे मॉडल्स की जबरदस्त डिमांड है.

JLR की गाड़ियों की बढ़ती कीमतें अमेरिकी ग्राहकों की जेब पर असर डाल सकती हैं, जिससे इनकी बिक्री में गिरावट आने की संभावना बढ़ गई है. अगर ऐसा हुआ तो Tata Motors की वैश्विक कमाई पर भी बुरा असर पड़ेगा.

Tata Motors और JLR का सफर: 2008 में खरीदी थी Ford से

Tata Motors ने 2008 में Ford से Jaguar और Land Rover को 2.3 बिलियन डॉलर में खरीदा था. यह डील भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ थी, जिसने भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया. तब से लेकर अब तक JLR ने कई बेहतरीन मॉडल्स लॉन्च किए हैं, जो न सिर्फ भारत बल्कि अमेरिका, यूके, चीन, ब्राजील, ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया में भी बनते और बिकते हैं.

क्या ट्रंप का फैसला JLR की बिक्री पर ब्रेक लगाएगा?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बाद JLR की बिक्री में गिरावट आएगी? एक्सपर्ट्स की मानें तो 25% टैरिफ लगने से कारों की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी, जिससे बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा. अमेरिकी ग्राहक जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, उनके लिए लग्जरी कार खरीदना और महंगा हो सकता है.

Tata Motors के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि JLR की अमेरिका में अच्छी पकड़ थी और कंपनी के मुनाफे में इसका बड़ा योगदान था. अगर अमेरिकी ग्राहक JLR से दूरी बनाने लगते हैं, तो कंपनी को अपने अन्य बाजारों पर ज्यादा फोकस करना पड़ सकता है.

आगे क्या होगा?

ट्रंप का यह फैसला सिर्फ Tata Motors ही नहीं, बल्कि अन्य वैश्विक ऑटो कंपनियों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है. भारत, चीन और यूरोप की कई कंपनियां इस फैसले से प्रभावित हो सकती हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Tata Motors इस चुनौती से कैसे निपटती है. क्या वह अमेरिका में कीमतें बढ़ाने का जोखिम उठाएगी, या फिर किसी नई रणनीति के साथ बाजार में बनी रहेगी?

एक बात तो तय है कि अमेरिकी सड़कों पर JLR की गाड़ियों की शान पहले जैसी नहीं रहेगी. अब देखना यह है कि टाटा मोटर्स इस झटके से कैसे उबरती है और क्या कंपनी कोई नई रणनीति अपनाकर इस मुश्किल से बाहर निकल पाएगी?

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