भारत में Tesla की एंट्री का इंतजार लंबे समय से हो रहा है, लेकिन एलन मस्क की ये अमेरिकन कंपनी पहले सऊदी अरब में दस्तक देने जा रही है। वो भी ऐसे देश में जहां तेल के भंडार भरे पड़े हैं और पेट्रोल-डीजल का बाजार हमेशा से हावी रहा है। यह कदम Tesla की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है, जो साफ इशारा करता है कि कंपनी सिर्फ EV मार्केट में ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीजल वाले देशों में भी अपनी धाक जमाने की फिराक में है।
सऊदी अरब में कब लॉन्च होगी Tesla?
Tesla की इलेक्ट्रिक कारें 10 अप्रैल को सऊदी अरब के रियाद में लॉन्च होने जा रही हैं। यह खबर खुद Tesla के एक आधिकारिक पोस्ट से सामने आई है। सऊदी अरब में EV मार्केट अभी भी शुरुआती दौर में है, लेकिन एलन मस्क की यह चाल वहां के बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की स्वीकार्यता को बढ़ा सकती है। PWC की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सेल अभी सिर्फ 1% से थोड़ी ज्यादा है, यानी पेट्रोल और डीजल कारों का ही बोलबाला है। ऐसे में Tesla की यह एंट्री काफी दिलचस्प होगी।
Tesla की एंट्री से सऊदी EV बाजार में क्या बदलेगा?
सऊदी अरब अपने तेल के लिए मशहूर है, लेकिन वहां भी अब सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन एनर्जी को लेकर काफी जोर दिया जा रहा है। Vision 2030 के तहत सऊदी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने का फैसला किया है, जिसमें Tesla जैसे ब्रांड्स की बड़ी भूमिका हो सकती है। मिडिल ईस्ट में पहले से ही Lucid Motors जैसी कंपनियां सक्रिय हैं, लेकिन Tesla की एंट्री वहां के EV बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है।
Tesla से आगे निकल गई BYD?
Tesla की ग्लोबल सेल्स में पिछले साल मामूली गिरावट आई थी और चीन की BYD ने इसे कड़ी टक्कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BYD ने 2024 में 107 बिलियन डॉलर की इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें बेचीं, जबकि Tesla की कुल बिक्री 98 बिलियन डॉलर रही। चीन की EV कंपनियां तेजी से Tesla को चुनौती दे रही हैं, और यही वजह है कि Tesla अब नए बाजारों की तलाश में है।
भारत में कब आएगी Tesla?
Tesla की भारत में एंट्री की खबरें लंबे समय से सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में यह रिपोर्ट आई थी कि कंपनी मुंबई में अपना पहला शोरूम खोलने की तैयारी कर रही है। CLSA के अनुमान के मुताबिक, भारत में Tesla की सबसे सस्ती कार की कीमत 35-40 लाख रुपये हो सकती है। अगर यह कार 25 लाख रुपये के प्राइस ब्रैकेट में आती है, तो भारत में पहले से मौजूद EV ब्रांड्स जैसे Tata, Mahindra और Hyundai को कड़ी टक्कर मिल सकती है।
क्या भारत को फिर करना होगा इंतजार?
Tesla की एंट्री भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकती है, लेकिन बार-बार इसकी लॉन्च डेट आगे खिसकने से भारतीय ग्राहक मायूस हो सकते हैं। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को लेकर सरकार और कंपनी के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
अब देखना ये है कि Tesla की भारत में एंट्री कब होती है या फिर एलन मस्क भारत को छोड़कर किसी और बाजार को प्राथमिकता देते हैं! Tesla का खेल बड़ा है और दांव भी बड़ा, लेकिन क्या भारतीय ग्राहक इस इंतजार के लिए तैयार हैं?